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2024 तक हर तीसरे लोकसभा क्षेत्र में एक मेडिकल कालेज होगा : अमित शाह

शाह ने कहा कि देश में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोले गये हैं, एक करोड़ से ज्यादा परिवार इन 6200 केंद्रों से सस्ती दवाएं ले रहे हैं

डेस्क: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को देहरादून में कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने देश में हेल्थ सेक्टर को पिछले छह साल में बहुत मजबूत किया है. सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए लगातार काम कर रही है. देश में कुल 22 एम्स खोले हैं. सरकार की योजना है कि हर राज्य में एक एम्स खोला जाये. 2024 तक हर तीसरे लोकसभा क्षेत्र में एक मेडिकल कालेज होगा.

भारत 2030 तक स्वास्थ्य के क्षेत्र में शिक्षा, ढांचागत, मरीज को अल्प समय में अस्पताल पहुंचाने, दवाएं सुलभ कराने आदि सभी मामलों में शीर्ष पर होगा. शाह शनिवार को यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में आयोजित दूसरे दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे.

अमित शाह ने कहा कि पिछले छह साल में 130 करोड़ देशवासियों के बीच नरेंद्र मोदी ने सभी को स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित करने की एक बेमिसाल यात्रा का शुरुआत की है. एक ऐसा वर्ग भी है, जो गरीबी रेखा के नीचे जीता है. ऐसे में सभी के लिए स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराना कितना कठिन है. विश्व भर में भारत स्वास्थ्य के क्षेत्र में सर्वोच्च बने, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की यह सोच है.

डाक्टरों के बिना किसी भी देश में स्वास्थ्य सेवाओं को आखिरी पायदान पर खड़े आदमी तक पहुंचाया नहीं जा सकता है. मैं बताना चाहता हूं कि आज देश में 157 मेडिकल कालेज खोलने की घोषणा हुई है. इन पर काम भी शुरू हो गया.

शाह ने कहा कि देश में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोले गये हैं. एक करोड़ से ज्यादा परिवार इन 6200 केंद्रों से सस्ती दवाएं ले रहे हैं. कैंसर की जो दवा 6500 रुपये की मिलती है, वो वहां पर 750 रुपये की मिलती है. यह सुविधा 728 जिलों में पहुंच चुकी है. हार्ट के स्टंट बदलने से लेकर घुटना बदलने तक की कीमतों को रेगुलराइज करने का काम इस सरकार ने बखूबी किया है. संस्थागत डिलीवरी की सुविधा पर भी मोदी सरकार ने फोकस किया है. इससे मातृ एवं शिशु दर पर बहुत हद तक रोक लगी है. इस बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र को 69000 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है.

देशवासियों को स्वस्थ रखने के लिए मोदी ने जिस पर जोर दिया है, उसमें योग, खेलो इंडिया और फिट इंडिया अपना कर लोग बीमारी से बच सकते हैं. मिशन इंद्र धनुष इसी का हिस्सा है. इसके बावजूद अगर बीमारी हो तो इतनी बड़ी संख्या में मेडिकल कॉलेज और एम्स खोलने का काम चल रहा है, ताकि सबको अच्छा इलाज मिल सके. हम 2024 तक हर तीसरे लोकसभा क्षेत्र में एक मेडिकल कालेज खोलने का काम कर रहे हैं. इन सभी अस्पतालों में डॉक्टर उपलब्ध हों, उसके मद्देनजर ही एमबीबीएस और पीजी की सीटें बढ़ायी गयी हैं. जितने कम समय और विपरीत हालत में मोदी सरकार ने देश में चिकित्सा क्षेत्र को समृद्ध और सबके लिए सुलभ किया है, दुनिया का कोई भी देश नहीं कर सका. भारत 2030 तक स्वास्थ्य के क्षेत्र में शिक्षा, ढांचागत, मरीज को अल्प समय में अस्पताल पहुंचाने, दवाएं सुलभ कराने आदि सभी मामलों में शीर्ष पर होगा। यह मुझे पूर्ण विश्वास है.

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