बिहार

20 वर्षीय इंजीनियरिंग की छात्रा ने डॉक्टरों की मदद के लिए बनाई रोबोट, इन कामों में करेगा डॉक्टरों की मदद

डेस्क: भारत देश में शुरुआत से ही डॉक्टरों को भगवान की तरह पूजा जाता आ रहा है। पूरी दुनिया में फैले महामारी से निपटने के लिए डॉक्टर, नर्स एवं स्वास्थ्य कर्मी ही सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

इतनी गर्मी में भी लगातार कई घंटों तक पीपीई किट पहनकर वह पूर्ण मरीजों की सेवा में लगे हुए हैं। महामारी के खिलाफ इस लड़ाई में सभी डॉक्टर और मेडिकल स्टोर बिना किसी स्वार्थ के मैदान में डटे हुए हैं।

ऐसे में इन की सहायता के लिए बिहार के इंजीनियरिंग के छात्र ने एक रोबोट बनाया है। यह रोबोट मरीजों के बुनियादी जांच के लिए डॉक्टरों की सहायता कर सकेगा।

पटना की 20 वर्षीय इंजीनियरिंग की छात्रा आकांक्षा ने बताया कि “कोरोनावायरस से लड़ने के लिए नाना प्रकार के दवाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है। यहां तक की टीकाकरण अभियान भी जा रही है। यदि किसी चीज की कमी है हमारे देश में तो हुआ है बड़ी संख्या में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की।”

आपको बता दें कि आकांक्षा ने अपने पिता योगेश कुमार के साथ मिलते हैं डॉक्टरों की मदद करने के उद्देश्य से इस रोबोट को विकसित किया है। इस रोबोट का नाम ‘मेडी-रोबोट’ रखा गया है क्योंकि यह मेडिकल स्टाफ की मदद करने के उद्देश्य से बनाया गया है।

दरअसल पूर्व मंत्रियों के इलाज के दौरान उनसे संपर्क में आने पर डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों को भी संक्रमण होने का खतरा रहता है। ऐसे में इस रोबोट को बनाने के बाद आकांक्षा ने यह उम्मीद जताई है इसकी मदद से कई डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों की जान बचाई जा सकेगी।

अगर बात करें उन कामों की जिनमें यह रोबोट डॉक्टर के सहायता कर सकेगा, तो वह है- वायरल इस तरीके से रक्त में ग्लूकोज की मात्रा की जांच करना, रक्त में ऑक्सीजन की मात्रा की जांच करना, हृदय गति, तापमान, रक्तचाप, वजन, ईसीजी आदि की जांच करना।

इस रोबोट का मुख्य काम मरीजों की देखभाल करना तथा उन्हें दवा, भोजन, पानी, ऑक्सीजन आदि पहुंचाना है। इसमें लगे high-resolution कैमरे का उपयोग करके वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से डॉक्टर होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों की स्थिति भी देख सकते हैं।

कोरोना मरीजों के देखभाल में डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों की सहायता के लिए ‘मेडी-रोबोट’ बनाने के लिए आकांक्षा को भारत सरकार के मानव संसाधन मंत्रालय के तहत दिए जाने वाले विश्कर्मा पुरस्कार के लिए भी चुना गया है।

कैबिनेट मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी आकांक्षा आविष्कार की सराहना की है। स्वास्थ्य कर्मियों की सहायता के लिए आकांक्षा द्वारा शुरू किए गए इस पहल के लिए उन्होंने हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया है।

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