संपादकीय

केजरीवाल का कमाल : सस्ती शराब और आरक्षित अस्पताल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लगता है सुर्खियों में रहने का चस्का हो गया है. कोरोना महामारी को लेकर जहां दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्री स्थिति संभालने में व्यस्त दिखे. वहीं केजरीवाल साहब सुबह-शाम मीडिया से रूबरू होते हुए सुर्खियां बनाते दिखे. ऐसे में उनके दो फैसले जो किसी को भी अचंभित कर सकते हैं.

पहला की इन्होंने दिल्ली में शराब पर जो कोविड टैक्स लगाया गया था, उससे शराबियों को निजात दे दिया है. यानी शराब सस्ती हो गयी, ताकि शराब के शौकीन अब अधिक शौक से शराब पी सकेंगे और सरकार की झोली में जो 70 फीसदी कोविड टैक्स के रुपये आनेवाले थे, वो अब नहीं आयेंगे. वहीं एक और अजीबोगरीब फैसला उन्होंने जो सुनाया वह यह है कि दिल्ली के अस्पताल में सिर्फ दिल्ली के लोग ही इलाज करवा पायेंगे.

यानी की दिल्ली के अस्पताल चाहे वह सरकारी हो या निजी वे दिल्ली के लोगों के लिए आरक्षित हो गये हैं. यानी जो व्यक्ति दिल्ली का वोटर नहीं है, उसका प्रवेश उन अस्पतालों में नहीं हो पायेगा. उन्हें इलाज के लिए केंद्र सरकार के अस्पताल में जाना होगा.

रविवार को पत्रकार वार्ता में केजरीवाल ने बताया कि कैबिनेट ने फैसला किया है कि राज्य सरकार के अंतर्गत आने वाले सरकारी और निजी अस्पतालों में सिर्फ दिल्ली के लोगों का इलाज होगा. वहीं, केंद्र सरकार के हॉस्पिटल सभी के लिए खुले रहेंगे.
केजरीवाल ने इसके पीछे तर्क दिया कि उनकी सरकार ने पिछले हफ्ते दिल्ली के लोगों की राय मांगी थी. उनमें से 90 फीसदी लोगों का कहना है कि दिल्ली के अस्पताल कोरोना के रहने तक राज्य के लोगों के लिए होने चाहिए.

अब हर राज्य में ऐसा ही हो गया तो पता नहीं कितने मरीज बिना इलाज के ही मर जायेंगे. खैर, केजरीवाल सरकार के इस फैसले के पीछे कौन सी राजनीति है. यह समझ के परे है, क्योंकि पड़ोसी राज्य पंजाब में भी उनकी पार्टी के अच्छे खासे समर्थक हैं, जहां के वोटर दिल्ली में भारी संख्या में रहते हैं.

अब बात करते हैं शराबियों को सस्ती शराब देने के फैसले पर तो आपको बता दें कि केजरीवाल सरकार ने बताया है कि लॉकडाउन के बीच शराब पर जो 70% अतिरिक्त चार्ज लगाया गया था, वह 10 जून से हटा लिया जायेगा.

अब इस पर केजरीवाल के कभी साथी रहे कवि डॉ. कुमार विश्वास की टिप्पणी पढ़ लीजिये. वही कुमार विश्वास जिनके लिए केजरीवाल विश्वासघाती बन गये और वह बागी बन गये. उन्होंने केजरीवाल सरकार के फैसले पर अपने ट्वीटर हैंडल से लिखा, ‘शराब माफिया से लगातार मिल रही दलाली पर पल रहे “छोटे निर्वीर्य नायब” की सलाह पर शराब माफिया के सामने घुटने टेकते स्वराज के आत्माशून्य बौनेश्वर। केंद्र दे दे बस?’
शराब पर से कोरोना टैक्स हटाने की इतनी जल्दी क्यों थी. यह तो केजरीवाल साहब ही जानते होंगे या कुमार विश्वास जैसे उनके मित्र.

अजय कुमार झा

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