क्राइम

महिला दिवस पर बीएसएफ को सुनाई मार्मिक आपबीती, कैसे बांग्लादेशी महिला को कोलकाता लाकर दलालों ने वेश्यावृत्ति के दलदल में धकेला

डेस्क: भारत-बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ के जवान सीमा की सुरक्षा के लिए दिन रात डटे हुए रहते हैं. सीमा के उस पार से अवैध रूप से घुसपैठ करनेवालों पर सख्त निगरानी हुए हैं. ना ही इस पार से उस पार और उस पार से उस पार किसी भी को अवैध रूप से आने-जाने दिया जा रहा है.

खासकर विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पहरेदारी और कड़ी कर दी गई है. इसी कड़ी पहरेदारी में 8 नवंबर को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के दिन अवैध रूप से सीमा पार करने की कोशिश करती हुई गिरफ्तार एक महिला ने पूछताछ में जो आपबीती सुनाई, वह दुनिया के किसी भी नागरिक को शर्मसार कर सकती है.

गौरतलब है कि 08 मार्च, 2021 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर दक्षिण बंगाल फ्रंटियर, बीएसएफ के तहत एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने मानव तस्करी मामले में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर 01 बांग्लादेशी महिला को बचाया. यह महिला उत्तर 24 परगना के तहत 153 बटालियन, बॉर्डर आउट पोस्ट घोजाडंगा के इलाके में पकड़ी गई है.

जानकारी के अनुसार, 08 मार्च को रात पौने 9 बजे बॉर्डर आउट पोस्ट घोजाडंगा, 153 बटालियन, सेक्टर कोलकाता के जवान आईसीपी घोजाडंगा पर चेकिंग ड्यूटी कर रहे थे. बीएसएफ कर्मियों ने बॉर्डर पर 01 महिला गतिविधि को देखा, जो भारत से बांग्लादेश जाने के लिए आईसीपी घोजाडांगा से अंतर्राष्ट्रीय सीमा पार करने की कोशिश कर रही थी.

बीएसएफ कर्मियों ने महिला को रोका और पहचान प्रमाण मांगा, लेकिन महिला किसी भी पहचान का उत्पादन करने में विफल रही तो बीएसएफ जवानों ने उसे पकड़ लिया। पकड़ी गई महिला की पहचान (1) उममे शबाना अख्तर (काल्पनिक नाम), जिला-मुंशीगंज, बांग्लादेश के रूप में हुई है.

प्रारंभिक पूछताछ में पकड़ी गई महिला ने खुलासा किया कि वह बांग्लादेश की नागरिक है, उसके पति ने उसे छोड़ दिया है, इसलिए 4 महीने पहले वह अपना गुजारा करने के लिए काम की तलाश में एक बंगलादेशी दलाल रॉबिन सादाबाद, ढाका से मिली, जो उसे भारत में दर्जी का काम दिलवाने वाला था.

फिर रॉबिन उसे एक अन्य बांग्लादेशी दलाल (नाम ज्ञात नहीं) के साथ एक वाहन के माध्यम से बेनापोल के लिए भेज दिया, जिसमें 06 महिला और 01 पुरुष भी था फिर उन्हें किसी अज्ञात क्षेत्र से अंतर्राष्ट्रीय सीमा पार करवाया. पेट्रापोल पहुंचने के बाद, उसे पैट्रापोल में एक अन्य भारतीय दलाल श्यामल (पता मालूम नहीं) मिला, जो उसे कार से हावड़ा ले आया और उसे वेश्यावृत्ति के काम के लिए सोनागाछी ले आया और जबरन सोनागाछी में एक वेश्यालय मलकिन (मैडम) को बेच दिया.

उसने यह भी कहा कि उसने सोनागाछी में चार महीने तक वेश्यालय में सेक्स वर्कर के रूप में काम किया. उसके बाद दिनांक 07 मार्च, 2021 को वह वेश्यालय के घर से भाग निकली और टैक्सी से बारासात रेलवे स्टेशन पहुंची. आगे वह लोकल ट्रेन से बशीरहाट पहुंची और रात को बशीरहाट में रुकी, आज वह आईसीपी घोजाडंगा से सीमा पार करने की कोशिश कर रही थी कि बीएसएफ पार्टी द्वारा पकड़ी गयी.

एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट द्वारा प्रदान की गई काउंसलिंग के बाद, पुष्टि की गयी कि यह मानव तस्करी का मामला है क्योंकि उसे वेश्यावृत्ति काम करने के लिए मजबूर किया गया था. पकड़ी गई बांग्लादेशी महिला को पुलिस थाना बशीरहाट को सौंप दिया गया.

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