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पाकिस्तान में मंदिर बनाने की जिद, इस्लामाबाद में किया मंदिर का शिलान्यास

डेस्क: पाकिस्तान भारत को विभिन्न मुद्दों पर घेरता रहा है. भारत में मुसलमानों के साथ ज्यादती की बातें दुनिया भर में फैलाता रहा है, लेकिन अपने गिरेबान में झांक कर यह नहीं देखता कि उस देश में अल्पसंख्यकों का क्या हाल है. कैसे पाकिस्तान में हिंदुओं को पूजा पाठ करने से रोका जाता है. और इसका प्रमाण क्या है कि उस देश की राजधानी इस्लामाबाद में मंदिर नहीं है, जहां हिंदुओं की भारी आबादी है.

ऐसे में लंबे समय से जिद में बैठे वहां के हिंदू धर्मानुयायियों के संगठन इस्लामाबाद हिंदू पंचायत ने रथयात्रा के शुभ अवसर पर श्री कृष्ण मंदिर का शिलान्यास किया. पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में यह पहला हिंदू मंदिर होगा. इसके निर्माण में ₹100000000 खर्च किए जाएंगे. मंदिर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के एक लाइन इलाके में होगा. यहां 20000 वर्ग फुट की जमीन मंदिर के निर्माण के लिए चिन्हित की गई है. इस्लामाबाद हिंदू पंचायत ने मंदिर का नाम श्री कृष्ण मंदिर रखा है.

मंदिर के शिलान्यास का उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया गया. जिसमें मानवाधिकारों पर संसदीय सचिव लालचंद माली ने हिस्सा लिया. उन्होंने अपने हाथों से मंदिर का शिलान्यास किया. श्रीमाली ने कहा इस्लामाबाद और इसके आसपास के इलाकों में हिंदुओं की भारी आबादी है. आजादी के पहले इन इलाकों में कई सारे मंदिर थे. उनमें से अधिकतर जर्जर होकर गिर गए, उनकी देखभाल नहीं की गई. ना ही वहां किसी को पूजा करने की अनुमति थी.

डॉन न्यूज की रिपोर्ट में बताया गया है कि पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में कई वर्षों में हिंदू धर्म अनुयायियों की आबादी भारी संख्या में बड़ी है. उन्हें पूजा पाठ के लिए एक मंदिर की काफी जरूरत थी.

आपको बता दें कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदुओं के साथ सौतेला व्यवहार किया जाता है. यहां हिंदुओं के निधन के बाद शव दाह के लिए भी काफी मशक्कत करनी पड़ती है. यहां शव दाह गृहों की भी भारी कमी है.

पाकिस्तान में धार्मिक मामलों के लिए एक अलग से विभाग है, जिस विभाग के मंत्री नूर-उल-हक कादरी हैं. उन्होंने लोकलुभावन घोषणा किया कि मंदिर के निर्माण का पूरा खर्च पाकिस्तान सरकार उठायेगी. मंदिर के निर्माण पर 10 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है. मंत्री ने कहा है उन्होंने प्रधानमंत्री इमरान खान के समक्ष अनुदान के लिए गुजारिश की है.

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