पश्चिम बंगाल

निर्मम ममता सरकार : सड़े हुए शवों के साथ लोगों को रखा आइसोलेशन में

जानकारी के अनुसार, ऐसे चार शव कई दिनों से वार्डों में पड़े हुए हैं, जो पूरी तरह सड़ चुके हैं

डेस्क: पश्चिम बंगाल की ममता सरकार पर कोरोना वायरस के संक्रमित होनेवाले और इससे मरनेवालों का आंकड़ा छुपाने का आरोप तो लग ही रहा था, लेकिन इस बार काफी गंभीर आरोप लगे हैं. आरोप है कि यहां के एमआर बांगुर अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में लोगों को सड़े हुए शवों के साथ रखा गया है, जिससे उठती बदबू से अन्य मरीजों का रहना मुहाल हो गया है. वे अस्वस्थ हो रहे हैं.

जानकारी के अनुसार, ऐसे चार शव कई दिनों से वार्डों में पड़े हुए हैं, जो पूरी तरह सड़ चुके हैं. उनसे निकलती बदबू के बीच वार्ड में दूसरे मरीज बंद पड़े हैं. उनका जीना मुहाल हो रखा है. अस्पताल प्रबंधन न शव को हटा रहा है, न ही अंतिम संस्कार कर रहा है. आइसोलेशन वार्ड में भर्ती अन्य मरीजों के परिजनों की ओर से इसकी शिकात अस्पताल प्रबंधन से भी की गयी है. एम आर बांगुर अस्पताल कोरोना वायरस संक्रमितों की चिकित्सा के लिए चिह्नित किया है. यहां कोरोना पीड़ितों की चिकित्सा के लिए 150 बेड के साथ आइसोलेशन वार्ड खोला गया है.

उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले कैलाश विजयवर्गीय ने भी इन शवों को लेकर ट्वीट किया था और पूछा था कि ममता बनर्जी आखिर जवाब क्यों नहीं दे रही हैं?
आरोप है कि सरकार शव को परिजनों को इसलिए नहीं सौंप रही है ताकि सड़-गल जाने के बाद उनके नमूने को जांचना ना पड़े और कोविड-19 के संबंध में जवाबदेही तय ना हो. दावा है कि जो नए रोगी भर्ती हैं, वे ठीक होने के बजाय और अधिक अस्वस्थ हो जायेंगे.

दक्षिण 24 परगना के एक वृद्ध यहां भर्ती हैं.उन्हें आइसोलेशन में रखा गया है.उनके बेटे ने बताया कि पिता ने सड़े-गले शव के साथ रहने की शिकायत की है.पास के पांच नंबर बेड पर एक व्यक्ति तीन दिनों से मरा हुआ पड़ा है लेकिन कोई शव को नहीं हटा रहा.

आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन और पुलिस से शिकायत करने पर कहा जा रहा है कि यह अस्पताल निर्णय लेगा कि डेड बॉडी हटाई जाएगी या नहीं, आप लोगों को रहना है तो रहिए नहीं तो चले जाइए. दक्षिण 24 परगना के एक और व्यक्ति अस्पताल में भर्ती हैं. उनके भी घर वालों ने इसी तरह की शिकायत की है.इसे लेकर भाजपा की आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सवाल खड़ा किया है.

उन्होंने कहा है कि इस अस्पताल को पश्चिम बंगाल सरकार ने कोविड-19 के इलाज को समर्पित किया है.इसकी व्यवस्थाओं की सराहना खुलेआम मुख्यमंत्री करती हैं लेकिन यहां रोगियों के परिजन शिकायत कर रहे हैं कि उन्हें आइसोलेशन में सड़े-गले शव के साथ रखा गया है.आखिर शव क्यों रखे गए हैं? अगर ये लोग कोविड-19 से मरे हैं तो सरकार ने अपने हेल्थ बुलेटिन में क्यों कहा है कि पिछले 48 घंटे में किसी की मौत नहीं हुई है? ऐसे में ये शव किसके हैं? ममता बनर्जी क्या छिपा रही हैं? जवाब दीजिए।

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