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आ चुका है कोरोना का थर्ड वेव, ऐसे रखें बच्चों को सुरक्षित

डेस्क: देश के विभिन्न हिस्सों से बच्चों के कोरोना वायरस (corona virus) से संक्रमित होने की खबर आनी शुरू हो गई है। पहले से ही इस बात का अंदाजा लगाया जा रहा था कि जब कोरोना का थर्ड वेव (third wave of covid) आएगा, तो इससे सबसे अधिक बच्चे ही प्रभावित होंगे।

धीरे-धीरे यह बात सच होती साबित हो रही है। अलग-अलग राज्यों से बच्चों के संक्रमित (children infected from corona in different states) होने की खबरों से यह साफ है कि कोरोना वायरस  के थर्ड वेव (third wave of covid) की शुरुआत हो चुकी है।

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कई राज्यों से मिले तीसरे लहार (third wave of covid) के संकेत

कई राज्यों में सैकड़ों बच्चों के संक्रमित (infected) होने की खबर सामने आई है। इसमें महाराष्ट्र (Maharashtra) तथा राजस्थान (Rajasthan) जैसे और भी कई राज्य शामिल है। बच्चों के संक्रमित (corona infection in children) होने का आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है।

पिछले कुछ दिनों में राजस्थान (Rajasthan) के केवल 2 जिलों से कई बच्चे संक्रमित (infected children) पाए गए। स्वास्थ्य विभाग (health Department) की मानें तो लगभग 600 बच्चे अब तक संक्रमित हुए हैं। संक्रमित (infected) हुए सभी बच्चों की उम्र 18 साल से कम बताई गई है।

third wave of covid-19 in india - कोरोना का थर्ड वेव

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मुंबई में बाल रोग विशेषज्ञों की बैठक

मुंबई (Mumbai) में भी बच्चों के कोरोना से संक्रमित होने के कई मामले सामने आए हैं। ऐसे में अब बच्चों को इस वायरस से सुरक्षित रखना ज्यादा जरूरी हो गया है। इसी से संबंधित बाल रोग विशेषज्ञों (Pediatrician) की एक बैठक भी बुलाई गई। इस बैठक में महाराष्ट्र (Maharashtra) के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) भी उपस्थित थे।

कोरोना का थर्ड वेव (third wave of covid) कई मायनों में घटक होने वाला है। इसीसे सम्बंधित इस बैठक में विशेषज्ञों ने कोविड से के बचाव के लिए कई सुझाव दिए। कोरोना संक्रमित बच्चों के इलाज को तीन श्रेणियों में बांटा गया। ये श्रेणियां हैं- कम लक्षण, माध्यम लक्षण और अधिक लक्षण।

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बैठक में अभिभावकों के लिए दिए गए सुझाव

कोरोना के थर्ड वेव (third wave of covid) में ‘कोविड से संक्रमित बच्चों के इलाज के लिए अभिभावकों को क्या करना चाहिए?’ इस विषय पर भी चर्चा हुई। साथ ही 6 मिनट वॉक टेस्ट तथा होम आइसोलेशन (home isolation) में बच्चों का किस प्रकार ख्याल रखना चाहिए इस बारे में भी बात की गई।

विशेषज्ञों की मानें तो 90% मामलों में बच्चे बिना लक्षण के ही संक्रमित (corona infection without symptoms) पाए जा सकते हैं। ऐसे बच्चों का इलाज होम आइसोलेशन (home isolation) में ही किया जा सकता है। मध्यम अथवा अधिक लक्षण वाले बच्चों को अस्पताल (hospital) ले जाने की आवश्यकता हो सकती है।

third wave of covid in india has started कोरोना का थर्ड वेव

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कोरोना के थर्ड वेव (third wave of covid) से बच्चों के बचाव के लिए सुझाव

  • कोरोना के थर्ड वेव में (third wave of covid) बच्चों में कोरोना के हल्के-फुल्के लक्षण दिखने पर बच्चों को 14 दिन के लिए होम आइसोलेशन (home isolation) में रखें।
  • जरूरत पड़ने पर बच्चों का ख्याल रखने के लिए आंगनवाडी सेविकाओं की भी मदद लें।
  • आपका बच्चा कोविड-19 है या नहीं इसके लिए टेस्ट (covid-19 test) करवाएं। तुरंत सिटी स्कैन (CT-Scan) के लिए ना भेजें। डॉक्टरों के परामर्श पर ही सिटी स्कैन करवाएं।
  • होम आइसोलेशन (home isolation) के दौरान समय-समय पर बच्चों के शरीर का तापमान (temperature of body), ऑक्सीजन लेवल (oxygen level) और पल्स रेट (pulse rate) की जानकारी लेते रहें।
  • संक्रमित बच्चों (infected children) से बड़े बुजुर्गों (old people) को दूर रखें तथा हमेशा मास्क (wear mask) पहन कर रहें।
  • कुछ लक्षण जैसे 3 दिनों तक बुखार (fever from 3 days) का बना रहना, 6 घंटे तक यूरिन (urine) न होना, आंखों का लाल होना इत्यादि दिखने पर डॉक्टरों की परामर्श लें।
  • कोरोना के थर्ड वेव (third wave of covid) से बचाने के लिए बच्चों को पौष्टिक आहार (healthy food) दें। इम्यूनिटी (immunity) को बरकरार रखने के लिए समय-समय पर काढे का भी सेवन करवाएं।

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ऊपर बताए गए सभी सुझावों को मान कर आप घर में ही कम लक्षणों वाले बच्चों का उपचार कर सकते हैं। अधिक लक्षण दिखने पर डॉक्टरों की परामर्श ली जा सकती है।

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