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इस महिला के कंधे पर चंद्रयान-3 की जिम्मेदारी, कौन हैं लखनऊ की डॉ. रितु कारिधाल?

डेस्क: चंद्रयान-3 के सफल लॉन्चिंग के बाद अब लोगों को इसके चन्द्रमा के दक्षिण ध्रुव पर लैंडिंग का इंतजार है। लेकिन इस बीच उत्तर प्रदेश के लखनऊ की रहने वाली डॉ. रितु कारिधाल का नाम चर्चा का विषय बन गया है। बता दें कि भारत के लिए 14 जुलाई 2030 के दिन को खास बनाने में रितु की अहम भूमिका है।

भारत की ‘रॉकेट वुमन’ नाम से प्रख्यात लखनऊ की बेटी। डॉ. रितु कारिधाल के इशारे पर ही Chandrayaan-3 श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से चंद्रमा के लिए रवाना हुई है। दरअसल रितु एक वरिष्ठ महिला वैज्ञानिक है जो इसरो में Chandrayaan-3 की मिशन डायरेक्टर हैं इससे पहले भी वह Chandrayaan-2 में मिशन डायरेक्टर चुकी है।

‘राकेट वुमन’ डॉ. रितु कारिधाल

डॉ ऋतु का जन्म उत्तर प्रदेश के लखनऊ में 1975 में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था बचपन से ही उन्हें चांद और सितारों के प्रति दिलचस्पी थी भौतिकी से एससी और एमएससी की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने एयरोस्पेस इंजीनियरिंग से मास्टर्स की डिग्री पूरी की। इसके बाद वह 1977 में इसरो में वैज्ञानिक के तौर पर काम करने लगीं।

आज उनकी वजह से ही पूरी दुनिया के वैज्ञानिक समुदाय के लोग भारत की ओर एक उम्मीद की नजर से देख रहे हैं। न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी Chandrayaan-3 के सफल लॉन्चिंग की सराहना हो रही है।

बता दें कि डॉ. रितु को पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम द्वारा ‘इसरो यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड’ मिल चुका है। उन्हें सोसायटी ऑफ इंडियन एयरोस्पेस टेक्नोलॉजीज एंड इंडस्ट्रीज (SIATI) द्वारा 2015 में मार्स ऑर्बिटर मिशन (MOM) के लिए ‘इसरो टीम अवार्ड’, ‘ASI टीम अवार्ड’, ‘वीमेन अचीवर्स इन एयरोस्पेस, 2017’ भी मिला है। डॉ. रितु ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं में 20 से अधिक पत्र भी प्रकाशित किए हैं।

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