उत्तर प्रदेशराजनीति

UP Assembly Elections 2022: C-PAD का Opinion Poll, कांग्रेस को यूपी में 10 सीटें मिलना भी मुश्किल

 

डेस्क: 10 फरवरी से 7 मार्च तक 7 चरणों में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसकी घोषणा चुनाव आयोग ने बीते दिनों प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन कर किया था। हालांकि चुनाव की तारीखों की घोषणा होने से पहले से ही सभी पार्टियां तैयारियों में लग चुकी थी। इस बार उत्तर प्रदेश को कोई भी पार्टी अपने हाथ से जाने नहीं देना चाहती हैं। सभी पार्टियां यहां अपनी सरकार बनाने के लिए जी तोड़ कोशिश कर रही है। लेकिन AKJ News के लिए किए गए Committee For Political Awareness Drive (C-PAD) के ओपिनियन पोल से यह साफ हो गया है कि यूपी में किसकी सरकार आ रही है।

कांग्रेस के लिए यूपी अभी दूर है: C-PAD

दरअसल, C-PAD के Opinion Poll के अनुसार इस बार उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी, भाजपा को मुकाबले की टक्कर दे सकती है। लेकिन फिर भी यूपी में भाजपा की सरकार ही आएगी। C-PAD ने 25 दिसंबर से 10 जनवरी तक सर्वे किया जिससे उन्हें यूपी के लोगों के मन की बात का पता चला। भले ही लोग योगी से कुछ नाराज़ हैं लेकिन योगी का प्रतिद्वंदी किसी और को न पाकर इस बार भी यूपी में लोग भाजपा को ही चुनेंगे। C-PAD के Opinion Poll की मानें तो इस बार भाजपा को 290-305 के बीच सीटें मिलने की पूरी संभावना है। वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के सीटों की संख्या में पिछली बार की तुलना में कुछ बढ़त दिख सकती है। लेकिन कांग्रेस को मुश्किल से 10 सीटें मिलने की संभावना है। हो सकता है कि बसपा भी 10 सीटों के अंदर ही सिमट कर रह जाए।

C-PAD का Opinion Poll

C-PAD के ओपिनियन पोल के अनुसार 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में भाजपा और उनके सहयोगी दलों को मिलाकर 290-305, समाजवादी पार्टी और उनके सहयोगी दलों को मिलाकर 72-87, बहुजन समाज पार्टी को 08-12 और कांग्रेस को 05-08 सीटों पर जीत मिलने की संभावना है। जबकि अन्य दल 3-6 के बीच ही रह जाएंगे। बता दें कि यूपी के अलावा गोवा, पंजाब, मणिपुर और उत्तराखंड में भी विधानसभा चुनाव होने हैं। पंजाब के अलावा बाकी के राज्यों में पहले से ही भाजपा सत्ता में है। जबकि पंजाब में कांग्रेस सत्ता में है।

सभी पार्टियां पहले से ही कर रही है तैयारी

बता दें कि विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सभी पार्टियां उत्तर प्रदेश में लगातार जनसभाएं करती आ रही है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उत्तर प्रदेश में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का उद्घाटन किया इसके साथ ही उन्होंने कई अन्य परियोजनाओं की भी घोषणा की। कांग्रेस भी महिला वोटरों का महत्व समझते हुए महिलाओं को अपनी तरफ करने की मुहिम चला रही है। बसपा भी लगातार ब्राह्मण वोटरों को रिझाने की कोशिश कर रही है। कुल मिलाकर यह कहना गलत नहीं होगा यूपी विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश का माहौल काफी गर्म है।

चुनाव के लिए चुनाव आयोग की शर्तें

उत्तर प्रदेश सहित अन्य चार राज्यों में चुनाव करवाने के लिए कुछ शर्तें रखी है। इन शर्तों की वजह से कई पार्टियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि वह अभी भी पूरी तरह से डिजिटल मीडिया को अपनाने में असमर्थ रहे हैं। दरअसल, चुनाव आयोग ने इसी प्रकार के रोड शो पदयात्रा साइकिल या बाइक रैलियों और जुलूसों को अनुमति नहीं दी है। ऐसे में चुनाव प्रचार के लिए सभी पार्टियों को डिजिटल मीडिया का प्रयोग करना अनिवार्य हो गया है। इसका लाभ कहीं ना कहीं भाजपा के साथ साथ समाजवादी पार्टी को भी मिल सकता है क्योंकि सपा ने भी डिजिटल मीडिया को अपनाकर अपना प्रचार कार्य पहले से ही शुरु कर दिया था।

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