मध्य प्रदेशराजनीति

कोरोना वायरस के चलते MP विधानसभा 26 मार्च तक स्थगित, फ्लोर टेस्ट से बच रही कांग्रेस

पूर्व मंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि यह सरकार कोरोना की आड़ लेकर फ्लोर टेस्ट से बचना चाहती है सरकार अल्पमत में है।

डेस्क: मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र को कोरोना वायरस के चलते 26 मार्च तक स्थगित कर दी गई है। इसके बाद फ्लोर टेस्ट कराने के लिए भाजपा की ओर से शिवराज सिंह चौहान ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की और 48 घंटे के अंदर फ्लोर टेस्ट कराने की मांग की गई है।

इसके पहले मध्य प्रदेश विधानसभा में राज्यपाल लालजी टंडन के अभिभाषण के साथ बजट सत्र की शुरुआत की। राज्यपाल ने केवल एक मिनट भाषण दिया और इसके बाद सभी को सलाह दी कि शांतिपूर्ण तरीके से संविधान के नियमों का पालन करते हुए मध्य प्रदेश के गौरव की रक्षा करें। राज्यपाल के जाने के बाद सदन में फ्लोर टेस्ट करवाने को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। इसके पहले सीएम कमलनाथ ने राज्यपाल को पत्र लिखकर कहा था कि ऐसी स्थिति में फ्लोर टेस्ट करवाना अलोकतांत्रिक होगा। इस मामले में अब भाजपा विधायक राज्यपाल से मिलने राजभवन जाएंगे।

मंत्री गोविंद सिंह ने उठाया कोरोना का मुद्दा

संसदीय कार्यमंत्री गोविंद सिंह ने विधानसभा में कोरोना वायरस को लेकर विषय उठाया और कहा कि यह विश्वव्यापी संकट है, कई देश इससे प्रभावित हैं, मेरा प्रस्ताव है कि विधानसभा की कार्रवाई को स्थगित किया जाए। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कमलनाथ सरकार अल्पमत में है वहीं पूर्व मंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि यह सरकार कोरोना की आड़ लेकर फ्लोर टेस्ट से बचना चाहती है सरकार अल्पमत में है। विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने आसंदी से व्यवस्था देते हुए कहा कि हम सभी कोरोना वायरस को लेकर चिंतित है केंद्र सरकार ने भी इसे महामारी कहा है। केंद्र सरकार की ओर से कई गाइडलाइन जारी की गई है, केरल, ओडिशा सहित कई विधानसभा स्थगित हो चुकी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्क देशों से इस महामारी को लेकर बात की है, विधायक जनता सहित मौजूदा परिस्थिति को देखते हुए विधानसभा की कार्यवाही 26 मार्च 2020 को 11:00 बजे तक के लिए स्थगित की जाती है।

कोरोना के चलते 26 मार्च विधानसभा स्थगित

फ्लोर टेस्ट के घमासान के बीच मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने कोरोना वायरस का हवाला देते हुए सदन को 26 मार्च तक स्थगित कर दिया। इस पर भाजपा विधायकों ने जमकर हंगामा किया और कहा कि सरकार फ्लोर टेस्ट से डर रही है।

भाजपा विधायक बोले- राज्यपाल की इच्छा का सम्मान करो

राज्यपाल लालजी टंडन ने विधानसभा में कहा कि सभी सदस्यों को शुभकामनाओं के साथ सलाह देना चाहता हूं, जो स्थिति है उसमें सभी का दायित्व है कि शांतिपूर्ण तरीके से संविधान द्वारा निर्देशित परंपरा और नियमों के साथ पालन करें ताकि मध्य प्रदेश का जो गौरव है, उसकी लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन हो सके। नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव इस दौरान बीच में खड़े हुए और कुछ बोलना चाहा तो सत्तापक्ष की ओर से विरोध किया गया। राज्यपाल के जाने के बाद नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव राज्यपाल द्वारा राज्य सरकार को लिखे गए पत्र को पढ़ते रहे वहीं सत्तापक्ष की ओर से लगातार विरोध किया जाता रहा। विधानसभा में बढ़ते हंगामे के कारण अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने कार्रवाई 5 मिनट के लिए स्थगित कर दी इस दौरान मुख्यमंत्री के आसपास मंत्री और विधायक खड़े रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker