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कश्मीर का माहौल खराब करने की फिराक में ISI, रची ऐसी खौफनाक साजिश

डेस्कः जम्मू-कश्मीर में तकरीबन सभी आतं’की कमांडरों के मारे जाने से परेशान पाक अब खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ मिलकर वहां का माहौल बिगाड़ने की साजिश रच रहा है.

बताया जा रहा है कि अब उसने टीआरएफ की तर्ज पर एक और नया आतंकी संगठन खड़ा किया है. नए आ’तंकी संगठन का नाम पीपुल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट है. इसने पिछले सप्ताह कुलगाम में एक पुलिसकर्मी की हत्या की जिम्मेदारी ली है. इस आतंकी संगठन के पास स्टेयर एयूजी जैसी घातक अत्याधुनिक एसाल्ट राइफल के अलावा एम4 कार्बाइन जैसे हथियार हैं.

बता दें कि पीएएफएफ ने एक वीडियो जारी कर अपनी मौजूदगी को सामने लाया है. यह 43 सेकेंड का है. वीडियो टीआरएफ द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे सोशल मीडिया के विभिन्न चैनलों में से एक पर जारी किया गया है.

पुलिसकर्मी अब्दुल रशीद डार की हत्या की जिम्मेदारी ली

वीडियो में तीन आ’तंकी हैं. तीनों ने नकाब पहना है. एक कुर्सी पर बैठा है और उसके सामने मेज पर अत्याधुनिक एसाल्ट राइफल स्टेयर एयूजी पड़ी हुई है. उसके दाएं-बाएं खड़े अन्य दोनों आतंकियों के हाथों में एम4 कार्बाइन है.कुर्सी पर बैठे पीएएफएफ के कथित कमांडर ने, जिसका नाम पता नहीं चल पाया है, ने अपने वीडियो संदेश में 22 जुलाई को फर्रा कुलगाम में पुलिसकर्मी अब्दुल रशीद डार की ह’त्या की जिम्मेदारी ली है. रशीद पुलिस में भर्ती होने से पहले इख्वानी था.

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इधर, सुरक्षा एजेंसियों ने इस नए संगठन या वीडियो के बारे में कुछ भी नहीं कहा है. हालांकि, एक वरिष्ठ सुरक्षाधिकारी ने कहा कि इसे महज एक वर्चुअल आतंकी संगठन बताकर नजर अंदाज नहीं किया जाना चाहिए.

टीआरएफ के जरिए आईएसआई ने कश्मीर में नए आतंकियों की पौध को आईएसजेके और एजीएच से जुड़ने से रोकने का प्रयास किया है. इस संगठन के आतंकियों ने बीते चार माह में जो भी वारदातें अंजाम दी हैं, सभी सु़नियोजित तरीके से दी हैं. इसलिए पीएएफएफ अगर कश्मीर में सक्रिय होता है तो एक बड़ी चुनौती साबित होगा.

अधिकारी ने कहा कि वीडियो के अभी तक के आकलन के मुताबिक कुर्सी पर बैठा आतंकी कश्मीरी ही है. यह उन्हीं कश्मीरी युवकों में से एक हो सकता है जो बीते दो-तीन वर्षो में पासपोर्ट के आधार पर वैध तरीके से पाकिस्तान गए और वहां किसी जिहादी संगठन का हिस्सा बन गए.

उसकी बातचीत का लहजा पूरी तरह कश्मीरी है, लेकिन वह श्रीनगर या किसी अन्य बडे़ कस्बे का रहने वाला नहीं हो सकता. वह संभवत: दक्षिण कश्मीर या फिर उत्तरी कश्मीर मे किसी कस्बे का हो सकता है.

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