अंतरराष्ट्रीय

कोरोना के इलाज में 130 से ज्यादा दवाओं का हो रहा ट्रायल, इस दवा से बंधी उम्मीद

एंटीवायरल रीमेडिविर दवा लोगों को कोरोना से तेजी से ठीक होने में मदद कर रही है

डेस्क: करना वायरस कोविड 19 ने पुरे विश्व की कमर तोड़ दी है, दुनिया भर के वैज्ञानिक इस के टिका बनाने में लगे हुए हैं, कोरोना वायरस की वैक्सीन जल्द बनने की अभी कोई संभावना नहीं है, ऐसे में वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना से निपटने में फिलहाल दूसरी बीमारियों के इलाज में प्रयोग होने वाली दवाओं के दोबारा प्रयोग ने उम्मीद जगाई है। वैज्ञानिकों का खाना है कि इलाज में इस्तेमाल हो रही दवाओं में एंटीवायरल रीमेडिविर दवा इस सूची में सबसे ऊपर है।

अमेरिका के एक स्वतंत्र आर्थित थिंक टैंक मिल्केन इंस्टीट्यूट के अनुसार, कोविड-19 को लेकर 130 से ज्यादा दवाओं पर प्रयोग किए जा रहे हैं। इनमें से कुछ दवाएं कोरोना को प्रभावी तरीके से रोकने में सक्षम हो सकती हैं जबकि बाकी अन्य अंगों को नुकसान पहुंचाने वाली अति सक्रिय प्रतिक्रियाओं को शांत करने में मदद कर सकती हैं।

जम्मू स्थित सीएसआईआर के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड मेडिसिन (Indian Institute of Integrated Medicine) के निदेशक राम विश्वकर्मा ने कहा, ‘अभी केवल एक तरीका है जो अन्य बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के पुनर्उपयोग के लिए है, इसका एक उदाहरण रीमेडिविर दवा है।’

राम विश्वकर्मा का कहना है कि एंटीवायरल रीमेडिविर दवा लोगों को कोरोना से तेजी से ठीक होने में मदद कर रही है और गंभीर स्थिति वाले मरीजों की मृत्यु दर भी कम रही है। उन्होंने कहा कि यह दवा इस समय जीवन बचाने वाली दवा साबित हो सकती है।

उन्होंने कहा कि अभी हमारे पास नयी दवा विकसित करने का समय नहीं है। नयी दवा विकसित करने में पांच से 10 साल का समय लग सकता है इसलिए हम मौजूदा दवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं और इनका प्रभाव जांचने के लिए क्लीनिकल ट्रायल करा रहे हैं।

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