अंतरराष्ट्रीय

तालिबान के साथ बैठक के लिए काबुल पहुंची भारतीय टीम, अफगानिस्तान के लोगों की सहायता करेगा भारत

 

डेस्क: भारत ने अफगानिस्तान पर विदेश मंत्रालय के प्वाइंट पर्सन के नेतृत्व में तालिबान के वरिष्ठ सदस्यों के साथ बैठक के लिए और मानवीय राहत प्रयासों की निगरानी के लिए एक टीम भेजी है, जो अशरफ गनी सरकार के पतन के बाद पहली ऐसी यात्रा है।

भारत, अन्य देशों की तरह, अफगानिस्तान में तालिबान की स्थापना को मान्यता नहीं देता है। तालिबान के अधिग्रहण के बाद भारत ने अफगानिस्तान में अपनी राजनयिक उपस्थिति समाप्त कर दी और नागरिक और सैन्य उड़ानों की मादा से वहां फंसे हजारों नागरिकों को निकाला।

तालिबान के वरिष्ठ सदस्यों से मुलाकात करेगी टीम

मंत्रालय ने एक बयान में कहा गया कि संयुक्त सचिव जेपी सिंह के नेतृत्व वाली टीम काबुल में “तालिबान के वरिष्ठ सदस्यों से मुलाकात करेंगे और अफगानिस्तान के लोगों को भारत की मानवीय सहायता पर चर्चा करेंगे।

Indian-team-reaches-Kabul-for-meeting-with-Taliban

 

भारत सरकार की इस टीम के विभिन्न स्थानों का दौरा करने की भी उम्मीद है जहां भारतीय कार्यक्रमों और परियोजनाओं को लागू किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि तालिबान ने भारतीय टीम द्वारा यात्रा के लिए सुरक्षा गारंटी प्रदान की है।

पूर्व राजदूत ने भारत के कदम को सराहा

भारतीय टीम किन तालिबान नेताओं से मुलाकात करेगी और वह किन स्थानों का दौरा करेगी, यह पहले तय नहीं था। 2002-05 के दौरान काबुल में भारतीय दूत के रूप में कार्य करने वाले पूर्व राजदूत विवेक काटजू ने भारतीय टीम की यात्रा का स्वागत किया। उन्होंने कहा, “आखिरकार, हमने एक समझदार कदम उठाया है। मुझे उम्मीद है कि इससे उपयुक्त स्तर पर काबुल में स्थायी भारतीय उपस्थिति होगी।”

पाकिस्तानी अधिकारियों के कारण हुई देरी

बता दें कि भारत ने मानवीय सहायता के कई शिपमेंट भेजे हैं, जिसमें 20,000 टन गेहूं, 13 टन दवाएं, कोविड -19 टीकों की 500,000 खुराक और सर्दियों के कपड़े शामिल हैं। इसने 50,000 टन गेहूं भेजने का वादा किया है, हालांकि आपूर्ति के लिए भूमि मार्गों तक पहुंच प्रदान करते समय पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा बनाई गई जटिलताओं के कारण डिलीवरी में देरी हुई है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker