अंतरराष्ट्रीय

वैक्सीन ना लगवाने के कारण हुआ डेढ़ करोड़ का नुकसान, पीड़िता ने सुनाई अपनी आपबीती

 

डेस्क: महामारी के इस दौर में कोरोनावायरस के संक्रमण से बचने का एकमात्र उपाय अपनी साफ-सफाई है। वायरस से लड़ने के लिए वैक्सीन लेना भी अति आवश्यक है। इसीलिए दुनिया के सभी देशों में वैक्सीनेशन प्रोग्राम काफी तेजी से चल रहा है।

सभी देशों की सरकारें अपने नागरिकों को वैक्सीन लेने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही है। ऐसे में भी कई लोग हैं जो वैक्सीन नहीं लेना चाहते। उनके वैक्सीन ना लेने के पीछे की वजह है वैक्सिंग के संबंध में फैलती अफवाहें। जिस वजह से उन्हें लगता है कि वैक्सीन का उनके स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव पड़ेगा।

हालांकि, दुनिया में कुछ ऐसे भी लोग हैं जिन्हें कुछ शारीरिक अस्वस्थता के कारण वैक्सीन से परहेज करना पड़ता है। ऐसी ही एक स्टूडेंट है ओलिविया सैंडर। ओलिविया GULLIAN BARRE SYNDROME से पीड़ित है जिस वजह से वह किसी भी प्रकार का वैक्सीन नहीं लगवा सकती।

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वैक्सीन लगवाने से हो सकता है लकवा

ओलिविया का कहना है कि 2019 में उन्होंने इनफ्लुएंजा वायरस से बचाव के लिए वैक्सीन ली थी जिसके बाद उन्हें जीबीएस की परेशानी हो गई थी। इस वजह से उनके कमर के नीचे का हिस्सा लगभग 1 महीने तक लकवाग्रस्त था। तब उन्हें डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें कोई भी ओलिविया लगवाने से फिर जीबीएस हो जाता है। ओलिविया फिर से इसका शिकार नहीं होना चाहती इसलिए उन्होंने कोरोना का वैक्सीन नहीं लिया।

वैक्सीन ना लगवाने की वजह से हुआ बड़ा नुकसान

ओलिविया अपनी इसी परेशानी के कारण वैक्सीन लगवाना नहीं चाहती जिस वजह से उन्हें ढाई लाख डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा। दरअसल, ओलिविया को हवाई शहर के ब्रिघम यंग यूनिवर्सिटी में एडमिशन मिला था। साथ ही उन्होंने उस यूनिवर्सिटी में ढाई लाख डॉलर के स्कॉलरशिप भी जीते थे। यह उनका ड्रीम कॉलेज था जिस वजह से इस में एडमिशन मिलने के कारण वह काफी खुश थी।

लेकिन उनकी खुशियों में तब पानी फिर गया जब उन्हें बताया गया कि कॉलेज में एडमिशन के लिए कोरोना वैक्सीन लगवाना आवश्यक है। वैक्सीन ना लगवा पाने की वजह से उनकी एडमिशन कैंसिल हो गई और उनके सारे स्कॉलरशिप्स भी कैंसिल हो गए।

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यूनिवर्सिटी ने एडमिशन कैंसिल करने पर दी सफाई

ओलिविया के डॉक्टर ने यूनिवर्सिटी को एक पत्र लिखा जिसमें उन्होंने बताया था कि ओलिविया जीबीएस से ग्रसित है। जिस वजह से किसी भी प्रकार का वैक्सीन लेने पर उसका जीबीएस ट्विटर होता है और उसकी जान को खतरा हो सकता है। इसलिए वह कोरोना वैक्सीन नहीं ले सकती।

डॉक्टर के पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने ओलिविया को एक ईमेल भेजा जिसमें उन्होंने लिखा कि उनके यूनिवर्सिटी में अलग-अलग बैकग्राउंड के बच्चे पढ़ने आते हैं। उनके सुरक्षा के दृष्टिकोण से वैक्सीन बिना लगाए कैंपस में आने पर परेशानी हो सकती है।

इसी के साथ ओलिविया को उसके ड्रीम कॉलेज में एडमिशन नहीं मिल सका साथ ही जितना भी स्कॉलरशिप उन्होंने जीता था वह सब कैंसिल हो गया। ऐसे में कहा जा सकता है वैक्सीन ना लगवाने के कारण ओलिविया को भारतीय मुद्रा में डेढ़ करोड़ रुपए का नुकसान हो गया।

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