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नीरज चोपड़ा के कोच की हुई छुट्टी, सरकार से मिलता था करोड़ों की सैलरी

 

डेस्क: टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड जीतने वाले नीरज चोपड़ा के लिए ओलंपिक से पहले भारत सरकार ने काफी खर्चे किए। उनके प्रशिक्षण से लेकर खोज को दिए जाने वाले फीस और उनके भालों को खरीदने में भारत सरकार ने करोड़ों रुपए खर्च किए। तब जाकर नीरज चोपड़ा भाला फेंकने निपुण हो सके।

450 दिनों के लिए उन्हें विदेशों में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था जिसमे भारत सरकार ने ₹4,85,39,638 खर्च किए। उनके निजी कोच को अब तक भारत सरकार ने ₹1,22,24,880 फीस के तौर पर दिए। साथ ही उनके लिए ₹4,35,000 के 4 भाले खरीदे गए।

खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए उवे होन को किया गया था नियुक्त

नीरज चोपड़ा के पोज और पूर्व विश्व रिकॉर्ड धारक उवे होन के साथ सरकार ने एक अनुबंध किया था जिसके अंतर्गत टोक्यो ओलंपिक तक उन्हें राष्ट्रीय भाला कोच के तौर पर सभी को प्रशिक्षित करना था। टोक्यो ओलंपिक के खत्म होते ही भारत सरकार के साथ उनका अनुबंध खत्म हो चुका है। इस अनुबंध को आगे बढ़ाने की संभावना न के बराबर है।

59 वर्षीय उवे होन को नीरज चोपड़ा सहित शिवपाल सिंह और अन्नू रानी को प्रशिक्षित करने के लिए 1 साल के लिए नियुक्त किया गया था। सरकार से उनका अनुबंध 1.09 करोड़ रुपए प्रति वर्ष का था। इसे बढ़ाकर व 1.64 करो रुपए प्रति वर्ष करना चाहते थे। जबकि स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने उनके मांगों को स्वीकार करने से इंकार कर दिया।

Neeraj Chopra and his coach

क्लाउस बार्टोनिट्ज को किया गया था नियुक्त

स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया का मानना था खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए 55 लाख रुपए की वृद्धि की आवश्यकता नहीं थी। इसके बाद नीरज चोपड़ा के निजी कोच के तौर पर क्लाउस बार्टोनिट्ज को नियुक्त किया गया। जिन्हे फीस के तौर पर ₹1,22,24,880 दिए गए।

नीरज चोपड़ा ने कहा, “मैं होन सर का सम्मान करता हूं। मैंने 2018 एशियाई खेलों में उनके प्रशिक्षण से स्वर्ण पदक जीता। लेकिन उनका तकनीकी दृष्टिकोण और प्रशिक्षण की शैली अलग है। मैंने उनसे कहा कि मैं क्लाउस सर के साथ काम करना चाहता हूं क्योंकि उनकी प्रशिक्षण योजनाएं अच्छी होती है और मेरे अनुकूल भी हैं। वह अथिलीट के शरीर के अनुसार प्रशिक्षण की योजना बनाते हैं।”

सूत्रों की मानें तो होन ने पहले के फीस के शर्तों पर ही अक्टूबर 2020 में भारत सरकार के साथ अपने अनुबंध को नवनीकृत किया था और वह शिवपाल को प्रशिक्षण दे रहे थे। बता दें कि शिवपाल ने टोक्यो ओलंपिक में 76.04 मीटर के थ्रो के साथ फाइनल में क्वालीफाई होने में असफल रहे।

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