महाराष्ट्र

एकनाथ शिंदे के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची उद्धव ठाकरे की टीम, यह है पूरा मामला

 

डेस्क: शिवसेना के बागी विधायकों और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के गठबंधन को नई सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने के महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के 30 जून के फैसले का विरोध करते हुए उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

शीर्ष अदालत ने सोमवार को सुनवाई के लिए बागी विधायकों से जुड़े अन्य मामलों के साथ याचिका को सूचीबद्ध करने पर सहमति व्यक्त की।

पार्टी के महासचिव सुभाष देसाई द्वारा दायर किये गये याचिका में, ठाकरे गुट ने कहा कि एकनाथ शिंदे को नए गठबंधन का मुख्यमंत्री बनने के लिए आमंत्रित करने का राजयपाल का फैसला असंवैधानिक है, क्योंकि इन विधायकों का भाजपा में विलय नहीं हुआ है, जिससे उन्हें दसवीं अनुसूची के तहत अयोग्य घोषित किया जा सकता है।

 Subhash Desai filed petition against Eknath Shinde

विधानसभा में कार्यवाही की  वैधता पर भी उठाया सवाल

याचिका का उल्लेख न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी की अवकाश पीठ के समक्ष किया गया था। अधिवक्ता अनीश आर शाह द्वारा दायर वर्तमान याचिका में 3-4 जुलाई को हुई विधानसभा में कार्यवाही की वैधता पर भी सवाल उठाया गया।

पिछले शुक्रवार को प्रभु ने सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका दायर कर 16 बागी विधायकों को निलंबित करने की मांग की, जिनके खिलाफ अयोग्यता याचिकाएं लंबित हैं। इससे पहले, 27 जून को, SC ने बागी विधायकों को उन्हें भेजे गए अयोग्यता नोटिस का जवाब देने के लिए 12 जुलाई तक का समय दिया था।

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